आज हम गिरने के बाद भी आगे बढ़ेंगे। यह सोचकर आगे बढ़ेंगे की हम भी किसे से कम नहीं।
दोस्तों! जिंदगी का सबसे बड़ा सच यह है कि इस दुनिया में कोई भी इंसान ऐसा नहीं है जिसने कभी ठोकर न खाई हो। हर महान इंसान, हर सफल व्यक्ति और हर इतिहास बनाने वाला व्यक्ति कभी न कभी गिरा जरूर है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि कुछ लोग गिरकर वहीं बैठ जाते हैं और किस्मत को कोसते रहते हैं, जबकि कुछ लोग गिरकर फिर से उठ खड़े होते हैं, अपने घावों को ताकत बनाते हैं और दुनिया को दिखा देते हैं कि असली जीत क्या होती है। सच तो यह है कि इतिहास वही लोग लिखते हैं जो गिरने के बाद हार मानने के बजाय फिर से उठने की हिम्मत रखते हैं।
गिरना कमजोरी नहीं है, बल्कि यह जिंदगी का हिस्सा है। जब कोई बच्चा चलना सीखता है तो वह बार-बार गिरता है। वह दीवार पकड़ता है, कदम बढ़ाता है और अचानक जमीन पर गिर जाता है। लेकिन क्या वह बच्चा गिरकर रोते-रोते हमेशा के लिए बैठ जाता है? नहीं। वह फिर से उठता है, फिर कोशिश करता है और आखिरकार चलना सीख जाता है। यही जिंदगी का नियम है। अगर गिरने से डरोगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे। गिरना सिर्फ यह बताता है कि तुम कोशिश कर रहे हो। और कोशिश करने वाले ही एक दिन कामयाब होते हैं।
आज बहुत से लोग असफलता से इतना डरते हैं कि वे कोशिश ही नहीं करते। उन्हें लगता है कि अगर वे असफल हो गए तो लोग उनका मजाक उड़ाएंगे, दुनिया उन्हें कमजोर समझेगी। लेकिन सच्चाई यह है कि दुनिया हमेशा उसी का सम्मान करती है जो बार-बार गिरकर भी हार नहीं मानता। जो व्यक्ति मुश्किलों से भागता है, वह कभी अपनी असली ताकत को पहचान ही नहीं पाता। लेकिन जो इंसान हर ठोकर को सबक बनाता है, वही धीरे-धीरे मजबूत बनता जाता है।
जिंदगी का हर संघर्ष तुम्हें तोड़ने के लिए नहीं आता, बल्कि तुम्हें मजबूत बनाने के लिए आता है। जब लोहे को आग में तपाया जाता है, हथौड़े से पीटा जाता है, तभी वह मजबूत तलवार बनता है। अगर वह लोहा सोचता कि मुझे आग में क्यों डाला जा रहा है, मुझे क्यों पीटा जा रहा है, तो शायद वह कभी तलवार नहीं बन पाता। ठीक उसी तरह इंसान भी मुश्किलों से गुजरकर ही मजबूत बनता है। हर दर्द, हर ठोकर और हर असफलता तुम्हें कुछ सिखाने आती है।
इतिहास उठाकर देखो तो पता चलेगा कि दुनिया के बड़े-बड़े महान लोगों ने भी असफलताओं का सामना किया है। कई बार उन्हें लोगों ने ठुकराया, कई बार उनकी मेहनत का मजाक उड़ाया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने अंदर की आग को जिंदा रखा। यही आग उन्हें आगे बढ़ाती रही और एक दिन वही लोग दुनिया के लिए प्रेरणा बन गए।
ऐसी ही एक सच्ची कहानी है भारत के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति A. P. J. Abdul Kalam की। उनका जन्म एक बहुत साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक नाव चलाने का काम करते थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। बचपन में कई बार ऐसा होता था कि घर में पढ़ाई के लिए जरूरी साधन भी नहीं होते थे। लेकिन उनके अंदर सीखने की भूख थी, कुछ बड़ा करने का सपना था। उन्होंने अपने सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया।
कहते हैं कि बचपन में वे सुबह जल्दी उठकर अखबार बांटते थे ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें। दिन में स्कूल जाते, रात में पढ़ाई करते। उनके सामने कई मुश्किलें थीं, लेकिन उन्होंने कभी शिकायत नहीं की। उन्होंने हर कठिनाई को अपने लिए एक चुनौती माना। वे जानते थे कि अगर जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना है तो मेहनत करनी ही पड़ेगी। जब वे बड़े हुए तो उनका सपना था कि वे भारतीय वायुसेना में पायलट बनें। उन्होंने बहुत मेहनत की और इंटरव्यू तक पहुंच गए। लेकिन जब अंतिम परिणाम आया तो वे चयनित नहीं हो पाए। उनके सपने को एक बड़ा झटका लगा।
सोचिए, अगर उस समय वे हार मान लेते, अगर वे सोचते कि अब जिंदगी खत्म हो गई, तो शायद दुनिया उन्हें कभी नहीं जान पाती। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और तय किया कि वे देश के लिए किसी और तरीके से योगदान देंगे इसके बाद उन्होंने वैज्ञानिक बनने का रास्ता चुना। उन्होंने दिन-रात मेहनत की, नई तकनीकों पर काम किया और भारत के मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया। उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण मिसाइलें विकसित हुईं और भारत रक्षा के क्षेत्र में मजबूत बना।
यही कारण है कि उन्हें ' मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' कहा गया। एक समय जो लड़का असफलता के कारण पायलट नहीं बन पाया था, वही आगे चलकर भारत का राष्ट्रपति बना और करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया। यह कहानी हमें सिखाती है कि जिंदगी में गिरना अंत नहीं होता। असली अंत तब होता है जब हम कोशिश करना छोड़ देते हैं। अगर A. P. J. Abdul Kalam अपनी असफलता से टूट जाते तो शायद वे इतिहास नहीं बना पाते। उन्होंने गिरकर उठना सीखा और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई।
दोस्तों, जिंदगी में कभी-कभी ऐसा समय आता है जब सब कुछ गलत होता हुआ नजर आता है। मेहनत करने के बावजूद सफलता नहीं मिलती, लोग साथ छोड़ देते हैं, हालात कमजोर कर देते हैं। उस समय इंसान के मन में एक आवाज आती है अब छोड़ दो, अब आगे बढ़ने का कोई फायदा नहीं। लेकिन याद रखना, यही वह समय होता है जब असली योद्धा और कमजोर इंसान के बीच फर्क पड़ता है। कमजोर इंसान हार मान लेता है। वह अपनी किस्मत को दोष देता है और धीरे-धीरे अपने सपनों को भूल जाता है। लेकिन जो इंसान मजबूत होता है, वह उसी मुश्किल समय में खुद को और मजबूत बना लेता है। वह खुद से कहता है मैं गिरा जरूर हू, लेकिन खत्म नहीं हुआ हू। मैं फिर से उठूंगा और पहले से ज्यादा ताकत के साथ आगे बढ़ूंगा।
जिंदगी में अगर तुम्हें बड़ा बनना है तो गिरने से डरना छोड़ना होगा। असफलता से भागने के बजाय उसका सामना करना होगा। हर असफलता तुम्हें एक नया सबक देती है। वह तुम्हें बताती है कि अगली बार क्या बेहतर किया जा सकता है। इसलिए असफलता से घबराओ मत, उसे अपना शिक्षक बनाओ। आज जो लोग दुनिया में महान बने हैं, उन्होंने कभी आसान रास्ता नहीं चुना। उन्होंने मुश्किलों का सामना किया, दर्द सहा, लोगों की आलोचना सुनी और फिर भी अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। वे जानते थे कि अगर वे हार मान लेंगे तो उनका सपना हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। इसलिए उन्होंने ठान लिया था कि चाहे जितनी बार गिरना पड़े, वे उठते रहेंगे।
याद रखो, जिंदगी में हर सुबह एक नया मौका लेकर आती है। अगर कल तुम गिर गए थे तो आज फिर से उठ सकते हो। अगर कल तुम असफल हुए थे तो आज फिर से कोशिश कर सकते हो। दुनिया उन लोगों को याद नहीं रखती जो कभी गिरे ही नहीं, दुनिया उन लोगों को याद रखती है जो गिरकर भी हार नहीं माने। जब तुम्हारे अंदर यह जिद पैदा हो जाती है कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अपने सपने को पूरा करके ही दम लूंगा, तब कोई भी ताकत तुम्हें रोक नहीं सकती। रास्ते में मुश्किलें जरूर आएंगी, लोग तुम्हें रोकने की कोशिश करेंगे, लेकिन अगर तुम्हारा इरादा मजबूत है तो तुम हर बाधा को पार कर जाओगे।
इसलिए दोस्तों, अगर आज तुम्हारी जिंदगी में कोई समस्या है, अगर तुम किसी असफलता से गुजर रहे हो, अगर तुम्हें लग रहा है कि सब खत्म हो गया है, तो एक बार खुद से पूछो क्या सच में सब खत्म हो गया है या मैं खुद हार मान रहा हू? क्योंकि सच यह है कि जब तक तुम खुद हार नहीं मानते, तब तक कोई भी तुम्हें हरा नहीं सकता। तुम्हारे अंदर भी वही ताकत है जो दुनिया के हर महान इंसान के अंदर थी। फर्क सिर्फ इतना है कि उन्होंने उस ताकत को पहचान लिया और उसे सही दिशा में इस्तेमाल किया। अगर तुम भी अपनी ताकत को पहचान लो, अगर तुम भी गिरने के बाद उठने की आदत बना लो, तो यकीन मानो एक दिन तुम्हारा नाम भी इतिहास में लिखा जाएगा।
आज फैसला तुम्हें करना है। क्या तुम उन लोगों में शामिल होना चाहते हो जो एक असफलता के बाद बैठ जाते है या उन लोगों में जो गिरकर फिर उठते हैं और दुनिया को दिखा देते हैं कि असली हिम्मत क्या होती है याद रखो, जिंदगी में जीत उसी की होती है जो आखिरी तक लड़ता है। तो आज से एक वादा करो चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, चाहे कितनी भी बार गिरना पड़े, मैं कभी हार नहीं मानूंगा। मैं हर बार उठूंगा, हर बार कोशिश करूंगा और तब तक आगे बढ़ता रहूंगा जब तक अपने सपनों को सच नहीं कर लेता।
यहीं हमारी सोच हमे गिरने से बचाएगी। यहीं हमारा हौसला आगे बढ़ने में मदत करेगा। लोग हर वक्त हमे कम समझे तो उनको समझने दो। पर खुद ही खुद को कम मत समझना क्योंकि उड़ते वही है जो आगे बढ़ते हैं। इसीलिए कभी कामयाबी हासिल करने के लिए रुकना मत हर वक्त - हर दिन आगे बढ़ते रहना।
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